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"राह संघर्ष की" ​
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"राह संघर्ष की" ​

​राहें मुश्किल हों तो क्या, हौसले अब भी बुलंद हैं। हर चुनौती का सामना करेंगे, राह में चाहे कितने भी बंद हों। ​गिरेंगे, फिर उठेंगे और चलेंगे, सपनों को सच करके ही रहेंगे। मेहनत ही हमारी पहचान है, सफलता ही अब हमारी मंज़िल है। ​
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Amhser
September 27, 2026 · 1 min read · 6 views
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​"

रहा रहा संघर्ष की

​राहें मुश्किल हों तो क्या,

हौसले अब भी बुलंद हैं।

हर चुनौती का सामना करेंगे,

राह में चाहे कितने भी बंद हों।

​गिरेंगे, फिर उठेंगे और चलेंगे,

सपनों को सच करके ही रहेंगे।

मेहनत ही हमारी पहचान है,

सफलता ही अब हमारी मंरहा संघर्ष की

​राहें मुश्किल हों तो क्या,

हौसले अब भी बुलंद हैं।

हर चुनौती का सामना करेंगे,

राह में चाहे कितने भी बंद हों।

​गिरेंगे, फिर उठेंगे और चलेंगे,

सपरहा संघर्ष की

​राहें मुश्किल हों तो क्या,

हौसले अब भी बुलंद हैं।

हर चुनौती का सामना करेंगे,

राह में चाहे कितने भी बंद हों।

​गिरेंगे, फिर उठेंगे और चलेंगे,

सपनों को सच करके ही रहेंगे।

मेहनत ही हमारी पहचान है,

सफलता ही अब हमारी मंज़िल है।नों को सच करके ही रहेंगे।

मेहनत ही हमारी पहचान है,

सफलता ही अब हमारी मंज़िल है।ज़िल है।संघर्ष की

​राहें मुश्किल हों तो क्या,

हौसले अब भी बुलंद हैं।

हर चुनौती का सामना करेंगे,

राह में चाहे कितने भी बंद हों।

​गिरेंगे, फिर उठेंगे और चलेंगे,

सपनों को सच करके ही रहेंगे।

मेहनत ही हमारी पहचान है,

सफलता ही अब हमारी मंज़िल है।

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