
आज अगर खामोश हूँ, तो कल फिर दहाड़ूँगी, गिरकर उठना मेरा किरदार है, मेरा जीतना अभी बरकरार है।
आज अगर घायल हूँ, तो कमज़ोर मत समझना, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना। वक़्त बदलेगा, ये अंदाज़ भी बदलेगा, जो आज मुझे रोक रहा है, कल वही मेरा रास्ता बदलेगा।
मैं थक सकती हूँ, पर रुकूँगी नहीं, हार के डर से कभी झुकूँगी नहीं। अभी सफ़र बाकी है, अभी उड़ान बाकी है, मेरी कहानी में एक और जीत बाकी है।