POETRY
मेरे शब्द
शब्दों के महफिल में होते मेरे भावनाओं के शब्द
कैसे तुझे व्यक्त करूं ये मेरे निशब्द खयाल
हर शब्द स्वयं से भिड़ कर कर रहे है
कोलाहल कैसे तुझे समझूं ये मेरे दिल जज्बात
दूर हो रहे शब्दों मौन के मौन चीत्कार कैस तुझे लिखूं ये मेरे अनकहे शब्द के मेहमान
किताबों से खोज रही हूं कब से तुझे
हर एक सवाल!
Manan
September 24, 2026 · 1 min read · 9 views