अंधेरी रात की वो सन्नाटा जो
मेरे अंतर्मन को सकून देता है
आसमानों में चांद और तारों की
रोशनी सच में कमाल करता है
मुझे अकेले में बैठकर इन्हें देखना अच्छा लगता हैं।
मैं अपने विचारों और स्वप्नों के
अंतहीन भंवर में खो जाने के
लिए उस समय सोचती हूं
मैंने बहुत पहले ही खुद ही
अंधेरी रातों से गुफ्तगू कर
उसको बता दी हूं
मुझे और कुछ नहीं चाहिए इन
अंधेरी रातों में सिवाय खुद के
मैं संतुष्ट महसूस करती हूँ
चांद और आसमां को देखते हुए—
कम से कम अब तक मुझे
अंधेरी रात के अस्तित्व का
एहसास तो हुआ है ।
अगर आप अपने अभी तक
अंधेरे की सुंदरता नहीं देख पाए तो
जीवन का सार भी नहीं समझ पायेगे?!
Manan