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GARIMA ~🌒
एक उम्र गुज़र जाती है खुद को समेटने में,
और लोग एक पल नहीं लगाते
कागज़ की तरह फाड़कर फेंकने में।
ढूँढती रही दुनिया मुझे महफ़िलों के शोर में,
और मैं चुपचाप बिखरता रहा
रात के इस शांत कोने में।
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✒️ | Spilling ink on bleeding thoughts.
🌙 | A quiet soul weaving midnight verses.
✨ | Finding magic in the unsaid.
📜 | Read my heart through