रुकने का मन तो नहीं था पर फिर भी कोशिश की कि रुक जाऊं एक और बार एक और ख़्याल अपना मन मारकर दिल हारकर खुदसे छिपाकर पर तुम थी ही नहीं वहाँ पहल…
रुकने का मन तो नहीं था पर फिर भी कोशिश की कि रुक जाऊं एक और बार एक और ख़्याल अपना मन मारकर दिल हारकर खुदसे छिपाकर पर तुम थी ही नहीं वहाँ पहल…
रुकने का मन तो नहीं था पर फिर भी कोशिश की कि रुक जाऊं एक और बार एक और ख़्याल अपना मन मारकर दिल हारकर खुदसे छिपाकर पर तुम थी ही नहीं वहाँ पहल…